कम से कम जो श्री कल्कि से बने वो सत्संग से खुद सधें और दूसरों को साधें

-संकलन कर्ता मामाजी (9312533445)-965448826-9163448228-9899531045

श्री रितिक जुनेजा, दयानन्द विहार 
भाईयो बहनों कौरव ज्यादा थे पांडव कम लेकिन भगवान श्री कृष्ण के सत्संग से  उन्हें जीत मिली।साथियों जब हम अपनी हर चाहत और बोल कबोल में कहते हैं कि हे कल्कि मैं तुम्हारा काम करुंगा मेरा काम करा दिजिए। साथियों इसी वायदे पर ही तो 64योगनियों में से 45योगनियां भक्तों के असम्भव काम संभव और बिन भाग्य के भक्तों  कि बोल कबोल पूरी करतीं  हैं।
जिस सत्संग से भक्त यह सब पाता है वो ना तो खुद अपनों में करता है ना भक्तों के बीच में करता है।क्योंकि अब उसके पास समय के अभाव के साथ पैनल द्वारा उनके अनुभवों पर याद दिलाने पर भक्त सोचता है की बजाय उनकी ऊंचाईयो कि तारीफ के बजाय उन्हें भूतकाल (पास्ट) याद दिलाने क्यों जरूरी है।

मुझे दो स्वपनानुभव हुए पहला 31 अगस्त 2026 ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 से 6 के बीच की मैंने फिर से अपनी पुरानी कंपनी जॉइन कर ली है ।लेकिन अब वो पोस्ट नहीं है जो पहले थी। पोस्ट उससे थोड़ी  छोटी है।पहले मैंने अपने जिस टीम मेम्बर को काम दिया था उस समय वो मेरा जूनियर था अब वो मेरा सीनियर  है । मैं जो काम कर रहा हो वो वैसे उसके बराबर का ही है। लेकिन कुछ काम हम दोनों को ही मिलकर करने है जिसमें  वो थोड़ा गुस्से में है।


दूसरा स्वपनानुभव 3 सितम्बर2026 मैंने  अपने बंग्लें  के सामने  ग्राउंड फ्लोर क पर एक फ्लैट ख़रीदा है जिसे मैं और मेरे पापा नया करा रहे हैं कंस्ट्रक्शन काम हो रहा है जबकि हमरा घर अभी भी है और हम उस का कंस्ट्रक्शन का काम देखने जाते हैं ।हम दोनों यह देख के ख़ुश होते हैं कि देखो कितना बड़ी जगह लग रही है ।इतने में मैं यह देखता हूं कि इसी फ्लैट  में मै मेरी पत्नी और दोनों  बच्चे  सो रहे हैं। मेरे बगल में एक छोटी सी डौल है जिसे देखकर में डर जाता हूं और वो  डरावनी हरकत करने लगती है ।मैं उसे मारने कि कोशिश करता हूं।

पहले स्वप्नानुभव का अर्थ 
अर्थ: आध्यात्मिक स्वप्न विज्ञान में 'पुराणी कंपनी में छोटा पद मिलना' और 'पुराने जूनियर का सीनियर के रूप में गुस्से में दिखना' सांसारिक व आध्यात्मिक जीवन में पद अवनति का प्रतीक है । जैसे पैनल आपको पहले अनुभवों में भी संकेत दे चुका है कि दुनिया दारी के हिसाब से समाज पैसे को बड़ा मानता है जबकि श्री कल्कि प्राकट्य प्रचार के लिए सत्संग को बड़ा मानते हैं जिसके लिए आपने वायदा किया लेकिन निजी किन्ही उलझनों में निभा नहीं पाये।
कल्कि जी के सिद्धांतों के अनुसार, जब कोई भक्त भगवान श्री कल्कि जी का 'brand ambassador' होने के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों किन्ही कारणों निभा नहीं पाता अथवा से भागता है, 19 tax योगनियां जिनके अलग-अलग नाम है उनका भाग(शेयर) अर्थात प्रोजेक्ट मनी द्वारा नहीं मिलने पर वो कोलकाता के श्री अमित शाह की तरह चार लाख की corona काल की तरह बेदखल कर सकती है शुक्र है किस पुण्य /प्रोजेक्ट के कारण आप बचें हुए हैं जो आपको इज्जत की कम्पनी में भेजा गया है। 

जो योगिनियों का हिस्सा) घुमाता है या सत्संग छोड़ता है, तो उसका आध्यात्मिक सुरक्षा चक्र (Aura) कमजोर पड़ जाता है। यहां तक की उसे और परिवार को बीमारी के चुंगल में औरों की तरह औंधा फांसकर अपना भाग (शेयर)ले जातीं हैं।  जिस व्यक्ति को पहले आपने काम सौंपा था, उसका सीनियर होकर गुस्से में रहना यह दर्शाता है कि अंतर्जगत में उनके नीचे काम करने वाली शक्तियाँ या सांसारिक सहकर्मी उन पर हावी होने लगेंगे और उनका सम्मान चौतरफा कम होने लगेगा। भगवान बार-बार सचेत कर रहे हैं, लेकिन गलती न सुधारने के कारण यह चक्र दोबारा दोहराया गया है।

दूसरे स्वप्नानुभव का अर्थ (नया फ्लैट, डरावनी डॉल व अतृप्त आत्मा का साया) 

अर्थ: बड़े और अच्छे मकान के होते हुए सामने 'ग्राउंड फ्लोर पर कंस्ट्रक्शन वाला फ्लैट' खरीदना और वहाँ सोने का अर्थ है कि  सांसारिक जीवन में स्थिरता और वैभवता कम होने वाली है अर्थात सुनो सबकी करें जो कल्कि जी की सरल नियामवली  पहले पाओ फिर दोओ।मुलायम स्वभाव होने के संगत के प्रभाव में देना है तो अपने बाकी 95 में से दे दो। तभी वर्तमान बड़ा मकान हाथ से निकल सकता है और मजबूरन सस्ते/समझौते वाले घर में सुश्री पूर्वी अग्रवाल इंद्रापुरम  वाली की तरह आप जा रहें हैं? जहां अकाल ग्रस्त अतृप्त आत्मा विराजमान हैं?डरावनी डॉल प्रतीक प्रेत उपस्थिती अर्थात् आपके सुरक्षा कवच में भारी सेंध लग चुकी है।
मूल कारण  

सत्संग से दूरी (सबसे बड़ा कारण):  रितिक जुनेजा जी परिवारिक सहयोग और व्यस्तता से  *समय न मिलना* *सत्संग ना लेना कल्कि संविधान की अवहेलना है। संविधान में स्पष्ट लिखा है कि *"यदि हम भगवान के काम के लिए समय नहीं निकालेंगे, तो हमारी परेशानियां हमारा सारा समय खा जाएँगी"*।

*योगों/योगिनियों का पैसा रोकना:* अपने पास  प्रोजेक्ट्स का पैसा रोक कर रखना एक भारी 'कार्मिक ऋण' उत्पन्न करता है, जिससे व्यापार, नौकरी और घर की सुख-शांति शारिरिक व्याथा आना स्वाभाविक है ।

*ब्रांड एंबेसडर का दायित्व:* आने वाली पीढ़ी को मार्ग दिखाना उनकी मुख्य जिम्मेदारी थी, जिसे न निभाने के कारण ईश्वरीय अदालत उनसे रुष्ट है।


अनुभव के अनुसार कुछ उपचार 
नियमित सत्संग और जिम्मेदारी की बहाली: रितिक जुनेजा जी सही अनुभव आने तक औरों कि तरह  मनमानी बंद करके नियमित संलग्न सत्संग का पाठ -13अगस्त 2024 मंगलपाठ गाड़ी में आते जाते पांच बार सुनने का संकल्प।पांच हनुमान जी की शनिवार की पूजा।प्रभाकर मिश्रा जी वाली सत्संग पैन ड्राइव गाड़ी में सुनने।


अतृप्त आत्मा व डरावनी डॉल (प्रेत बाधा) से मुक्ति हेतु (भैरों बाबा का उपाय): मकान व परिवार पर मंडरा रही अतृप्त आत्मा या प्रेत शक्ति को दूर खदेड़ने के लिए भैरों बाबा के नाम से ₹20 और 4 मोटी रोटियां (या मीठा रोट) का संकल्प निकालकर रखें।

प्रार्थना करें: "हे भैरों बाबा, मेरे घर और परिवार के चारों ओर जो भी अतृप्त आत्मा या नकारात्मक शक्ति (डॉल के रूप में) तंग कर रही है, उसे दूर करें और हमारे घर पर कड़ा पहरा लगाएं"।


गृह-शुद्धि और सुरक्षा कवच (महामंत्र):  घर में फैली नकारात्मकता को भस्म करने के लिए प्रतिदिन घर में "ॐ नमः कल्कि फट् स्वाहा" का कम से कम 108 बार जाप करें या चलाकर रखें । यह मंत्र 37,500 राक्षसी/प्रेत शक्तियों पर सीधा प्रहार करता है और घर में ईश्वरीय ऊर्जा लाता है]।   

मानसिक भय और डिप्रेशन को दूर करने के लिए "सब दु:खों की एक दवाई, हंसना सीखो प्यारे भाई, कल्कि-कल्कि कहना सदा हंसते रहना" का स्मरण करें।

घर की शांति हेतु 1 रुपये 2 बताशे का संकल्प: प्रतिदिन अपने घर के मंदिर में ₹ 1 और 2 बताशे का संकल्प लेकर अलग रखें और प्रार्थना करें कि घर का संचित वैभव और मुख्य मकान सुरक्षित रहे।


निष्कर्ष: रितिक जुनेजा जी क Brand Ambassador का पद केवल नाम का नहीं, बल्कि मर्यादा और समर्पण का है। वे तुरंत अपना और परिवार का रुका हुआ शेयर वाराणसी की मधुमति कि तरह मनमानी से ग़लत जगह प्रोजेक्ट मनी अपने 95% में से जमा करा कर दण्डनीय योगनियों से परिवार स्वास्थ्य जीवन आमदनी कि सुरक्षा करें।शुभम करोती



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