प्रथम पाठ: खेल-खेल में सनातन धर्म के संस्कार रोपण

प्यारे बच्चों हमारे सबसे पहले भगवान माता-पिता गुरु श्री हनुमान और जो हमें अच्छी बातें सीखाये (हमारे टीचर्स आदि स्वामी दत्तात्रेय ने तो चौबीस गुरू बनाये थे) भगवान् जिन्हें आपके माता-पिता ने बताया और भगवान श्री कल्कि जो हमारी आपकी पुकार से कलयुगी राक्षस का अंत करके सतयुग की स्थापना करेंगे।

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द्वितीय पाठ : भगवान श्री कल्कि से समय के हिसाब से प्रार्थना

हे कल्कि भगवान! हमने जो आपका नाम का जाप किया है। इसका फल आपके श्री चरणों में समर्पित है। इसे आप अपने काम में लीजिए। मुझे और मेरे माता-पिता को स्वास्थ्य दीजिए जीवन दान दीजिए। जिससे हम सब आपका निर्भय होकर जीते जी राजा रानियां की तरह वैभवता पूर्वक ( धन, संपदा ( प्रॉपर्टी जेवर), ऐश्वर्या, भक्ति और ज्ञान) काम करें। हे कल्कि भगवान गऊ, विप्र ,धर्म सज्जन लोगों, बच्चों की रक्षा कीजिए। हमारे देश के हिंदू राजा योगी- मोदी आदि को स्वास्थ्य- जीवनदान दीजिए। जिससे वह सनातन धर्म के जड़ के काम करें। मुझसे अपना काम लीजिए। हे कल्कि भगवान शीघ्र प्रकट हो जाइये।

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तृतीय पाठ : 26 जुलाई 2026 - भगवान श्री कल्कि की मुक्तिदायिनी आरती

कल्कि जी की मुक्तिदायिनी आरती हमारी पूजा में किसी भी प्रकार की कमी की पूर्ति करती है।भगवान श्री कल्कि कि सुबह शाम की आरती हमारे बेकार के क्लेशों का नाश करके वैभवता* देती हैं।

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पंचम पाठ: 9 सितम्बर 2026 - “जाप के बाद तेज को सहेजने के लिए अनुभवगम्य पाठ”

“जाप के बाद तेज को सहेजने के लिए अनुभवगम्य पाठ”

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