
संकलन कर्ता मामाजी ( 9163448228)
स्वप्नअनुभव: 20जनवरी 2026अपने में श्री कल्कि की भक्ति की पराकाष्ठा भक्ता को पहली बार भगवान *श्री कल्कि सिंहासन पर बैठे दिखे, हंस कर बोले मुझे 2,35000/- दे दे तेरे सारे काम पूरे कर दूंगा।
अब अनुभव का अर्थ उपचार जानना हुआ सरल
अनुभव ईश्वर से सीधा संवाद है।
अनुभव कृष्ण अवतार में भी होते थे और राम अवतार में भी जैसे सुंदरकांड में त्रिजीटा राक्षसी को अनुभव हुआ कि रावण के कहने से सीता को मत सताओ रावण जल्दी ही दक्षिण दिशा में गधे पर चढ़ा हुआ जाऐगा आदि।लेकिन कलयुग में तो कल्कि भगवान भक्तों को बिन भाग्य के अनुभव दे देकर मालामाल कर रहे हैं। सन् 1960 से अबतक के अनुभव रजिस्टरों के आधार पर ही मामाजी आज तक अनेक भक्तों को अनुभवों का अर्थ उपचार दो-तीन दिन का समय लेकर बताते आ रहे हैं।
मामाजी पुराने प्रोजेक्ट्स का आधुनिककरण कि दिशा में दिन प्रतिदिन भक्तों कि समृद्धि हाईट आफ ग्लोरी से जुड़े अनुभवों के लिए एक नया कदम मामाजी ने पिछले डेढ़ साल से अबतक संभल प्रवास में एजेंसी द्वारा अपने कई वर्षों के रजिस्टर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को याद (Learn )काराये *ताकि किसी भी भक्त का अनुभव एजेंसी को देने पर AI तुरंत बता देगा कि इस अनुभव का कौन से वर्ष के रजिस्टर से किस प्रसंग से मेल खाते हुए उसमे लिखे अर्थ उपचार बतादे ।
अब तक जहां एक अनुभव के लिए 2-3दिन लगते थे वहीं एजेंसी कि मदद से मामाजी द्वारा एक दिन में दो-तीन अनुभवों का कल्कि समाज को अर्थ उपचार मिलना सुलभ होगा।
इसमें पैनल श्री कल्कि बाल वाटिका फाउंडेशन से एजेंसी को खर्चा देगी साथ ही किसी भी भक्त के पहले अनुभव के अर्थ उपचार फ्री होंगे।
उसके बाद प्रत्येक अनुभव का अर्थ उपचार फ्लैट ₹200 पेटीएम में जमा करना पर अब महीने के प्रत्येक शनिवार की अनुभव गोष्ठी का इंतजार खत्म ।
उन्हें एक दो दिन में ही सटीक जबाब मिल जाएगा।
मामाजी अधिकतर मौनव्रत के कारण नीचे दिए जिन नामों में से अनुभव दृष्टा अपने को सुखद (Comfortable) महसूस करे पेटीएम डिटेल के साथ अपना अनुभव वाट्स एप पर हिंदी में लिखकर भेज दें:-
भक्ता के अनुभव का अर्थ उपचार इस प्रकार है:
भगवान श्री कल्कि द्वारा ₹2,35,000 मांगना दर्शाता हैं कि भक्ता कि भक्ति से अभिभूत होकर 19 निर्दयी टैक्स योगनियों से भक्ता का केस श्री कल्कि ने अपने हाथों में लिया है।
भगवान भक्ता की जाने अनजाने की कठिनाइयों को अब दूर करने और जीवन में सफलता स्थापित करने के लिए तैयार हैं।
रूपयो की मांग "कर्मों के लेनदेन" का प्रतीक है।उदाहरण के लिए ऐसे ही 1997 में मामाजी को स्वप्न अनुभव में गणेश जी ने (आर्थिक संकटकाल में) लक्ष्मी जी सहित प्रगट होकर बोलते हुए 50 ग्राम स्वर्ण मांगा था।
वास्तव में यह आर्थिक पीड़ा -के साथ- बीमारी नाशक और भक्ति दायक था।
उपचार स्वरूप मामाजी अनुभव में दिखे जैसे खड़े गणेश जी कि पीतल कि मूर्ति लाकर,50ग्राम सोने के वर्क बनवा कर शहद में मिलाकर प्रतिदिन उनके मुख पर उंगली से चटाते रहें।
यहां भक्ता से धन की मांग पुराने कर्मों के कर्ज का भुगतान और भविष्य की सफलता का मार्ग साफ करने के लिए "टोल टैक्स" चुकाने जैसा है।भगवान श्री कल्कि का यह कहना कि "तेरे सारे काम हो जाएंगे"।
तो यहां यह भक्ता कि अनेक आवश्यकताओं कि पूर्ति कि पुष्टि कि ओर इंगित करता है। ऐसे में बनपढे तो समय रहते बड़ी होशियारी से पर्चियां और पैन लेकर अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप सिर्फ एक पर्ची पर एक जरूरत लिखी जाए। फिर ₹235000 में से में वो उस मद में कितना ₹ देगीं।
उदाहरण के लिए:-पंखे के लिए ₹1200 कूलर के लिए ₹6000 एयर कंडीशनर के लिए ₹29000 दुकानदार को देते हैं। इसी प्रकार आवश्यकता के अनुरूप उपर्युक्त राशि का पूरा विभाजन कर दें। फिर जो जो काम होता जाए उसका भुगतान श्री कल्कि बाल वाटिका फाउंडेशन में प्रोजेक्ट मनी में जमा करा कर उसकी पर्ची हटा कर मोहन लाल जी कि तरह बाकी दूसरे गोले पर लगा दे।
पुराना गोला हवन कुंड में चढ़ा दें।
भगवान का मुस्कुराना " बताता है कि योगनिया भी मेरी है और तुम भी। लेकिन तुम जिन समस्यों से जूझ रही होऔर जूझने वाली हो वह श्री कल्कि के सुलझाना बिल्कुल मामाजी के 1983के अनुभव के अनुसार हाथ में लिए डन्डे को छुआना मात्र है।
ध्यान रहे अंकगणित के हिसाब से आपके अनुभव की संख्या का योग: 2 + 3 + 5 = 10यानि एक होता है जिसे अंक गणित के हिसाब से एक सूर्य कि दशा दर्शा रहा है। Raining Daily अर्थात बिन भाग्य के कल्कि जी आपके पास पैसे कि कमी नहीं छोड़ी है।बस इनकमटैक्स डिपार्टमैन्ट के हिसाब से टैक्स भुगतान करो मस्ती से ऐश करो कोई नोटिस बाज़ी का चक्कर नहीं हैं।ऐसे ही बिन भाग्य के कल्कि जी से मिले हिस्से में से इन 19टैक्स योगनियों का भुगतान करती रहो और मस्त रहो।श्री कल्कि जी को 19टैक्स योगनियों से सत्संग साहित्य हवन प्रचार द्वारा प्रकट होना है।इसी के लिए श्री कल्कि बाल वाटिका फाउंडेशन कटिबद्ध और कार्यरत है।