
-संकलनकर्ता मामाजी (9312533445)-(965448826)-(9163448228)
स्वाति, प्रीत विहार, नई दिल्ली
मुझे अनुभव आया कि मैं अपने घर से निकलकर अपनी गली से बाहर निकलती हूँ और वहाँ मैं देखती हूँ कि किसी प्रकार की लड़ाई व दंगे हो रहे हैं, वहाँ कुछ ऐसे लोग हैं जो मुझे डराते हैं, और कहते हैं कि तुम्हें हम नुकसान पहुँचाएंगे अगर तुम पैसे नहीं दोगी।तो फिर वहाँ एक Auto Driver रुकता है और उसे मैं 20-30 रुपये देती हूँ और कहती हूँ कि ये तुम ले लो पर मैं उनसे डर नहीं रही लेकिन अपने Safety के लिए मैं उसे रुपये दे देती हूँ क्योंकि मुझे आगे सामान लेने जाना है।फिर मैं एक Chemist की दुकान पर जाती हूँ सीढ़ियाँ चढ़ती हूँ और Chemist से कहती हूँ कि यह मुझे इन गोलियों को घोलने के लिए कुछ दो, Sure नहीं हूँ कि Phenyl की गोली है या क्या है पर मैं उसे कह रही हूँ कि इन गोलियों को घोलने के लिए कुछ दो जिससे यह अच्छे से घुल जाएँ।इतने में मेरे पापा आ जाते हैं जिन्हें मैं दुकान के शीशे से देखती हूँ क्योंकि बाहर दंगे हो रहे हैं तो वो मेरी Protection के लिए आते हैं। फिर मैं उन्हें हाथ हिलाती हूँ, पापा को पसीना आ रहा है और पापा ने Jacket पहनी है और एक ladies bag लटकाया है।फिर मेरे पापा अंदर आते हैं और chemist से कहते हैं कि क्या तुम्हारे पास 100 के बंधे हुए नोट हैं सिक्कों के बदले, तो वह बदतमीजी से बोलता है कि आपको तो पहले ही ₹100 देने हैं तो मैं कहती हूँ ये किस तरीके से बात कर रहे हो आप, और कहती हूं कि ये बहुत बदतमीजी से बात कर रहे हैं, हमें इनसे कुछ नहीं लेना, फिर मैं पापा के साथ वहाँ से निकल जाती हूँ । और फिर यह दिख रहा है कि मेरे दादाजी (जो अब नहीं हैं) वो उसी दुकान में बैठे हैं, वो भी कुछ हिसाब-किताब कर रहे हैं फिर जब हम दुकान से निकल आते हैं तो मैं यह सोचती हूँ कि 100 रु. के लिए यह मेरे व पापा की बेइज्जती कर रहा है इतने सारे लोग खड़े हैं वहाँ पर क्यों न मैं इसको 100 रु. देकर इसका मुँह बंद कर दूँ। मैं दोबारा वापस दुकान में जाती हूँ और उसकी तरफ 100 रु. फेंकती हूँ और कहती हूँ ये ले 100 रु. , इन 100 रु. के लिए तू बेइज्जती करेगा, तब तक मेरे दादाजी वहाँ बैठे हुए हैं वो कोई किसी प्रकार की Ticket या coupon कटवा रहे हैं, और जो Shop का मालिक है वो Ticket या coupon उन्हें देता है , उस पर एक Plane बना हुआ है, Ticket या coupon Red colour का है। मुझे यह अंदर से पता है कि वो मेरे दादाजी हैं, पर मैं Ignore करके बाहर आ जाती हूँ फिर मैं देखती हूँ नीचे जब उस दुकान की सीढ़ियाँ उतर रही होती हूँ, तब मुझे 3-4 Transparent Boxes दिखते हैं बड़े बड़े जो गोदाम के लिए रखे होते हैं उन पर कृष्ण जी कि photo बनी होती है (Boxes ज़मीन से लेकर घुटनों से ऊपर तक बड़े हैं), वे Boxes सब खाली हैं ये सब कुछ देखने से पहले कुछ Previous Scenes चल रहे होते हैं कि foreign Country में मैं और मेरी Mummy खड़ी हैं, वहाँ पर कुछ मैं बात कर रही हूँ कि कोई भी सामान ऐसे ही छोड़ के नहीं जा सकते क्योंकि वो लोग Camera से देखते हैं व फिर आपको पकड़कर आपको तो fine वगैरह करते हैं। इसका उपचार बताएँ।
मेरी मम्मी को इस समय Kidney की Problem हुई तो है और उनके Levels थोड़ा Range से बाहर आए हैं जैसे Creatinine one होना चाहिए तो वो 2.31 आया है। इसके लिए मैंने Hospital k उपचार kie हैं और कल्कि जी के 5 हवन का संकल्प लिया है, जो ongoing है। यह अनुभव यहाँ खत्म होता है।
अनुभव 2-इसके अगले दिन मेरी मम्मी को एक अनुभव दिखा था कि उन्हें काली माता की मूर्ति दिख रही है तो उस मूर्ति में जो काली माता का face है वो थोड़ा faded हो रहा है तो मेरी मम्मी कहती हैं इन्हें Paint कराना पड़ेगा। एकबार फिर से उन्हें मूर्ति दिखती है वह भी faded होती है उसमें भी मेरी मम्मी यही कहती हैं कि इस मूर्ति को Paint कराना पड़ेगा । यह अनुभव यहाँ खत्म होता है।इसका उपचार बताएँ।
अनुभव अर्थ उपचार
स्वाति जी, आपके स्वप्नानुभव और माता जी की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति (किडनी की समस्या) सीधे तौर पर पूर्व जन्मों के कर्मों (Karmic debts), पितृ ऋण और ईश्वरीय शक्तियों द्वारा दिए जा रहे संकेतों से जुड़े हुए हैं। श्री कल्कि बाल वाटिका के सिद्धांतों के आधार पर इनका सटीक अर्थ और उपाय निम्नलिखित हैं:
1. स्वाति जी के स्वप्नानुभव का अर्थ (कर्म और ऋण का भुगतान)
दंगे, लड़ाई और पैसे मांगना: गली में दंगे होना और लोगों द्वारा डराकर पैसे मांगना कलियुगी या नकारात्मक शक्तियों का प्रतीक है जो जीवन में बाधाएं (जैसे माता जी की बीमारी) उत्पन्न कर रही हैं। अनुभव में पैसे देकर अपना बचाव करना यह दर्शाता है कि आप अनजाने में या आध्यात्मिक रूप से इन नकारात्मक शक्तियों या योगी-योगिनियों को उनका 'भाग' (भुगतान) दे रही हैं, जिससे वे शांत हो जाएं और आपका या आपके परिवार का अनिष्ट न करें।
केमिस्ट और फिनाइल की गोलियां: यह दृश्य सीधे तौर पर आपकी माता जी के स्वास्थ्य (Creatinine levels) से जुड़ा है। फिनाइल की गोलियां घोलना शरीर से विषैले तत्वों (Toxins) की सफाई और वर्तमान मेडिकल उपचार की ओर ईश्वरीय संकेत है।
विदेशी धरती, सामान और जुर्माना (Fine): स्वप्न का पिछला दृश्य जहां आप सामान (Baggage) और कैमरे से देखकर फाइन लगने की बात कर रही हैं, यह स्पष्ट करता है कि मनुष्य अपने पिछले कर्मों का 'सामान' (बोझ) कहीं छोड़कर भाग नहीं सकता। ईश्वरीय कैमरे (Chitragupta/Divine surveillance) की नज़र सब पर है, और वर्तमान में जो बीमारी आई है, वह उन्हीं पुराने कर्मों का 'फाइन' या भुगतान है।
दादाजी का दिखना और टिकट लेना: स्वप्न में मृत परिजनों (जैसे दादाजी) का दिखना पितृ दोष या पितृ शक्तियों की उपस्थिति को दर्शाता है। उनका हिसाब-किताब करना और 'प्लेन' बनी हुई लाल टिकट लेना यह संकेत है कि आपके परिवार के पितृ अपने हिस्से का ऋण या भाग मांग रहे हैं ताकि वे अपनी आगे की यात्रा (ऊर्ध्वगति) कर सकें।
विदेश में फाइन और कैमरे: यह दृश्य सचेत कर रहा है कि दैवीय शक्तियों (कैमरे) की आप पर नज़र है और कोई भी आध्यात्मिक चूक या लापरवाही होने पर कलियुगी शक्तियां पैनल्टी (जुर्माना) वसूल सकती हैं।
2. माता जी के स्वप्नानुभव का अर्थ (काली माता की मूर्ति)
काली माता का चेहरा फीका पड़ना: यह इस बात का संकेत है कि आपके परिवार पर जो ईश्वरीय सुरक्षा चक्र या देवी की कृपा थी, वह नकारात्मक ऊर्जा या बीमारी के भारीपन के कारण थोड़ी कमज़ोर पड़ रही है।
मूर्ति को पेंट कराने की आवश्यकता: माता जी को काली माता का चेहरा फीका दिखना और उसे पेंट कराने की बात कहना यह दर्शाता है कि माता जी के स्वास्थ्य और जीवन पर जो संकट (किडनी की समस्या) आया है, उससे बचाव के लिए काली माता की सुरक्षा (कवच) को फिर से जाग्रत या 'पेंट' (मजबूत) करने की आवश्यकता है।
अनुभव के अनुसार अचूक उपाय (Remedies)
चूंकि आपने माता जी के लिए पहले ही अस्पताल के उपचार के साथ-साथ श्री कल्कि जी के **5 हवन का संकल्प** लिया है, जो कि अत्यंत श्रेष्ठ कदम है, क्योंकि हवन पिछले जन्मों के पापों और भाग्य के अवरोधों को काटता है। बहुत प्रभावशाली हैं संभल में भविष्य गंगा पर श्री कल्कि बाल वाटिका संस्कार कला केंद्र में हो रहे हर महीने के आखिरी में दो कुंडिया श्री कल्कि सहस्त्रनाम यज्ञ जो श्री श्रेया गुप्ता गुप्ता अपने बेटे के जीवन और अपने पिता के जीवन के लिए कर रहे हैं। यही नहीं मामाजी ने सम्भल में कई बार आये यमराज से कहा मुझे नहीं मारना मुझे कल्कि जी का काम करना है। यहां के हवन ही मामाजी को मृत्यु से रोके हुए हैं।
इसके अतिरिक्त आपको निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:
'शुभ' का अंश निकालें: माता जी के अस्पताल और दवाइयों के अनावश्यक खर्च को रोकने के लिए, अपनी या परिवार की आय का 1% से 10% हिस्सा नियमित रूप से प्रभु कल्कि के कार्यों (जैसे साहित्य सृजन या ईश्वरीय कार्य) के लिए निकालें।
काली माता का शृंगार और प्रसाद: माता जी के स्वप्न के अनुसार, किसी भी नज़दीकी मंदिर में काली माता या दुर्गा माता को लाल चुनरी, शृंगार का सामान और हलवा-पूरी का प्रसाद अर्पित करें। यह फीकी पड़ी ऊर्जा को पुनः जाग्रत करेगा और माता जी के स्वास्थ्य की रक्षा करेगा।
बगुलामुखी माँ का उपचार (बीमारी के लिए): माता जी के रोग ग्रस्त होने पर बगुलामुखी माँ का उपचार बहुत आवश्यक है। 5 परांठे थोड़ी हल्दी डालकर बनाएं और 20 रुपये के साथ मंदिर में बगुलामुखी माँ (या कल्कि जी/विष्णु जी को यह कहकर कि वे बगुलामुखी माँ तक पहुंचा दें) चढ़ा दें और कहें, "मैं कल्कि जी की हूँ, मुझे रास्ता दें, स्वास्थ्य दें"।
पितृ शांति (सीधा दान): दादाजी के नाम से एक "सीधा" (1 कटोरी आटा, 1 कटोरी चावल, 1 कटोरी दाल, 1 कटोरी चीनी, नमक की पुड़िया, पानी की बोतल और दक्षिणा के रूप में ₹5 या ₹100 का नोट जो स्वप्न में दिखा) निकालें।
संकल्प व प्रार्थना: हाथ में जल-चावल लेकर स्वधा महारानी (पितरों की देवी) का ध्यान कर प्रार्थना करें: "हे स्वधा महारानी! मेरे दादाजी की आत्मा को यम के कष्टों से बचाकर अपने लोक में तृप्त और शांत स्थापित करें। इस सीधे के माध्यम से उन्हें उनका भाग दिलाएं। मेरे परिवार से बीमारियों और अकाल मृत्यु का साया दूर करें।" इस सामग्री को किसी मंदिर के ब्राह्मण/पुजारी को आदर सहित दान कर दें ।
जल का प्रयोग: दवाइयों (Pills) को ईश्वरीय नाम (जैसे कल्कि नाम या गंगाजल) से अभिमंत्रित करके माता जी को दें। प्रभु कल्कि के नाम का सुमिरन करने से हर उपचार और दवाई सही दिशा में काम करने लगती है।
क्रियात्मक उपचार: चूंकि स्वाति जी ने माता जी की सुरक्षा के लिए अस्पताल के इलाज के साथ 5 बन पड़े तो सम्भल में पांच हवनों का करके संकल्प ले लें जो अभी चल रहे है इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण सलाह है कि एक पीला साबुत नींबू लेकर उसे माता जी के सिर से पैर तक 7 बार उल्टा (Anti-clockwise) वारकर (घुमाकर) वर्तमान में चल रहे हवन की अग्नि में सीधे डाल दें। यह क्रिया माता जी की किडनी की दूषित ऊर्जा को सोखकर भस्म कर देगी और क्रिएटिनिन स्तर तुरंत सामान्य होने लगेगा।
निष्कर्ष: स्वाति जी, बिल्कुल घबराएं नहीं। कलयुग केवल पिछले कर्मों का 'जुर्माना' वसूलने आया था । लेकिन 5 हवनों के संकल्प, बगुलामुखी व काली माता के उपचार और नींबू वारने की इस क्रिया से माता जी की यह भीषण बीमारी सूली का कांटा बनकर हमेशा के लिए टल जाएगी! माता जी के स्वास्थ्य को लेकर आप जो चिंता कर रही हैं, वह स्वाभाविक है। अस्पताल के इलाज के साथ-साथ इन संकल्पों को धैर्यपूर्वक निभाएं, ताकि नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम हो सके।