
-संकलन कर्ता मामाजी (9312533445)-(965448826)-(9163448228)-(99999 57072)
गीता गुप्ता, जागृति एन्क्लेव नई दिल्ली
रात का (३ मार्च 2026) : मुझे अनुभव आया कि मैं Washroom देख रही हूँ सब गन्दे हैं फिर एक औरत कहती सफेद चप्पल पहनो और Washroom चली जाओ जिधर जा रही गन्दे हैं फिर जाती हूँ। सारे Washroom सफाई करती रही हूँ।
मेरी खांसी दो महीने हो गये अब पता चला कि किसी चीज एलर्जी से खांसी हो गयी है। सोते सोते भी ऐसा लगता है किसी ने फूँका है मुझे मैं झटके से उठ जाती हूँ।
सुबह 4 बजे अनुभव : आज मुझे 4 बजे नींद नहीं आ रही तो मैं माला करने बैठ गई फिर सो जाती हूँ तो दिखाई देता है एक बिजली का झटका लगा है।
6 मार्च 2026 : 10 बजे फिर दिखता तीन चार औरतें आते मैं कहती हूँ कहाँ घर में आ रही हो।फिर दो औरतें आती है ज्वेलरी दिखाने के लिये वह ज्वेलरी मैने पहन कर देखी और अपने पति से पूछा कि अच्छा लग रहा है वह बोले नहीं मैने अपनी ज्वेलरी कुछ नहीं दी थी बाद में पता चला यह धोखा है।गीता गुप्ता, जी के ये सभी अनुभव आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं और यह स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि उन पर किसी नकारात्मक या तांत्रिक शक्ति का कड़ा प्रहार हुआ है। लेकिन भगवान श्री कल्कि जी की भक्ति और मंत्र जाप के कारण वे लगातार बच रही हैं।
अर्थ उपचार
कल्कि स्वप्न विज्ञान और उपलब्ध ईश्वरीय साहित्यों के आधार पर गीता जी के अनुभवों का अर्थ और अचूक उपाय इस प्रकार हैं:
अनुभवों का विस्तृत अर्थ (Interpretation of the Dreams & Symptoms)
१. गंदे वाशरूम और सफेद चप्पल (कार्मिक खातों की शुद्धि): स्वप्न विज्ञान में 'गंदा वाशरूम' आपके चारों ओर की नकारात्मकता और 'रुके हुए ईश्वरीय लेन-देन' (Pending Share/Accounts) का प्रतीक है। 'सफेद चप्पल' साक्षात् ईश्वरीय पवित्रता और मर्यादा का प्रतीक है। भगवान आपको निर्देश दे रहे हैं कि आप अपने ५% शेयर या किसी पुरानी 'बोल-कबोल' (मन्नत) का हिसाब साफ करें, ताकि जीवन की गंदगी (रुकावटें) साफ हो सकें।
२. तांत्रिक 'फूँक', खांसी और बिजली का झटका (शक्तियों का टकराव): सोते समय 'फूँक' का अहसास होना और २ महीने से खांसी/एलर्जी रहना कोई साधारण बीमारी नहीं, बल्कि एक 'तांत्रिक टोटका' या नकारात्मक शक्ति का प्रहार है। यह शक्तियां रात के समय आपके आभामंडल (Aura) को भेदने की कोशिश कर रही हैं। ४ बजे सुबह माला करते समय जो 'बिजली का झटका' लगा, यह कल्कि महामंत्र की दिव्य ऊर्जा (Current) और उस नकारात्मक शक्ति के बीच हुए टकराव का प्रमाण है। यह एक चेतावनी भी है कि या तो भगवान के कार्यों (लेन-देन) में लापरवाही हो रही है, या फिर कोई भयंकर बीमारी/नुकसान आपको घेरने वाला है जिससे आपको तुरंत अपनी रक्षा करनी है।
३. अनजान औरतें और ज्वेलरी का धोखा (छद्मवेशी माया): आपके घर में घुसने वाली औरतें साक्षात् 'अलक्ष्मी' या 'छद्मवेशी आसुरी शक्तियां' हैं जो आपको किसी मायाजाल या 'आर्थिक धोखे' में फँसाना चाहती थीं। ज्वेलरी (गहने) कलियुगी चकाचौंध और ठगी का प्रतीक है। ज्वेलरी पहनाकर 'धोखा' देना यह दर्शाता है कि ये शक्तियां किसी आकर्षण (माया) के जाल में फँसाकर आपका आध्यात्मिक या भौतिक धन लूटना चाहती थीं। आपके पति द्वारा उसे 'अच्छा नहीं' कहना साक्षात् 'ईश्वरीय विवेक' है, जिसने आपको इस भयंकर धोखे से बचा लिया।
अनुभव के अनुसार तुरंत करने वाले दृष्ट उपचार (Remedies):
गीता जी, कलियुगी और छद्मवेशी शक्तियों ने आपके स्वास्थ्य और धन पर वार करने की कोशिश की है। इन झटकों से पूरी तरह सुरक्षित होने के लिए आपको बिना किसी देरी के निम्नलिखित संकल्प और उपचार करने चाहिए:
1. तांत्रिक प्रहार (फूँक) और झटके से बचाव हेतु (भैरों बाबा और काली माँ): चूँकि आपको सोते समय फूँक और झटके लग रहे हैं, यह अघोरी/नकारात्मक शक्तियों का वार है।संकल्प: ₹80 भैरों बाबा के निमित्त (दवाई/शराब वाले उपचार हेतु) और ₹20 काली माँ के निमित्त निकालें।प्रार्थना: "हे भैरों बाबा, हे काली माँ! जो कलियुगी, तांत्रिक और अघोरी शक्तियां रात को फूँक मारकर या झटके देकर मुझे शारीरिक कष्ट (खांसी/एलर्जी) दे रही हैं, उन्हें उनका यह भाग देकर मेरे मार्ग से हटाएं। मुझे और मेरे परिवार को अपना अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान करें।"
2. धोखे (Fraud) और छद्मवेशी औरतों से रक्षा हेतु (बगुलामुखी माँ): संकल्प: ₹20 और 5 पीले परांठे (हल्दी डालकर) माँ बगुलामुखी के निमित्त निकालें।प्रार्थना: "हे बगुलामुखी माँ! जो षड्यंत्रकारी, छद्मवेशधारी और कलियुगी शक्तियां (औरतों के रूप में) मुझे धोखा देकर मेरा धन (ज्वेलरी) या शांति छीनना चाहती हैं, उनका मुख और मस्तिष्क कील दीजिए। उनके धोखे से मुझे बचाइए।"
3. स्वास्थ्य (एलर्जी/खांसी) लाभ हेतु (धन्वंतरी वैद्य जी): उपचार: हाथ में जल लेकर धन्वंतरी जी से प्रार्थना करें और हो सके तो "हक् अनीह निष्कलंक गौरण्डा दुष्टहा नाशनं पापहा" मंत्र की एक माला का जाप या हवन करें।प्रार्थना: "हे धन्वंतरी वैद्य जी! मेरे शरीर में जो भी एलर्जी, खांसी या छिपी हुई बीमारी प्रवेश कर गई है, उसका नाश करें और मुझे पूर्ण स्वास्थ्य और आयु प्रदान करें।"
4. तांत्रिक प्रहार (फूँक / टोटके) को काटने के लिए (श्री हनुमान जी का उपाय): साहित्यों के अनुसार, जब किसी ने टोटका कर रखा हो, तो कल्कि भक्तों के आदि गुरु श्री हनुमान जी का यह अचूक उपाय करना चाहिए:उपाय: शनिवार को श्री हनुमान जी की मूर्ति के सामने एक लाल कपड़ा बिछाकर, उसके ऊपर आटे के दीपक में तेल और काले उड़द डालकर रखें। फिर 5 रुपये का सिक्का चढ़ाकर उनके सामने श्री हनुमान चालीसा का जाप करें और आरती करके फल अर्पण करें। यह उपाय उनके शरीर से उस 'फूँक' और एलर्जी (खांसी) को जड़ से खत्म कर देगा।
5. सफेद चप्पल (लेन-देन) का सुधार (श्री कल्कि जी): उपचार: एक डायरी लें और शांति से विचार करें कि क्या आपकी आमदनी या घर खर्च के 5% शेयर में, या किसी पुरानी मन्नत (बोल-कबोल) में कोई डंडी (कमी) तो नहीं रह गई है? यदि हाँ, तो तुरंत उसका सही हिसाब लगाकर कल्कि जी के 'शुभ के खजाने' (प्रोजेक्ट मनी) में निकाल दें। इससे आपके 'गंदे वाशरूम' (रुके हुए काम) पूरी तरह साफ हो जाएंगे और झटके लगने बंद हो जाएंगे।
6. शरीर और घर की पूर्ण शुद्धि के लिए महामंत्र का जाप: गीता जी को अपने घर में और मन ही मन "ॐ नमः कल्कि फट् स्वाहा" मंत्र का निरंतर जाप करना चाहिए। साहित्यों के अनुसार, खाली कमरे में भी इस मंत्र के चलने से आसुरी शक्तियां हटेंगी और देवी शक्तियां आएंगी।रात को सोते समय झटके लगने और मानसिक घबराहट से बचने के लिए वे इस मंत्र का जाप करें: "सब दु:खों की एक दवाई, हंसना सीखो प्यारे भाई, कल्कि-कल्कि कहना सदा हंसते रहना"।
गीता जी, डरने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। कल्कि जी ने आपको धोखे से पहले ही सचेत कर दिया है। ये उपचार करें, आपकी खांसी भी ठीक होगी और घर में किसी प्रकार की ठगी भी नहीं हो पाएगी।