- संकलनकर्ता मामाजी (9312533445)-(965448826)-(9163448228)
सिमरन गुप्ता, हावड़ा, कोलकाता
- मैंने देखा कि मेरी दाढ़ी मुछ आ गई है।
- मैंने देखा कि एक आदमी 2 छोटी बच्चियों को तैयार कर रहा है।3 साल की बच्ची का मुंडन हुआ है।
- मैंने देखा कि में लिफ्ट में हुं लिफ्ट ऊपर या नीचे जा रही है मुझे नही पता ।लिफ्ट बीच में रुक जाती है। में किसी तरह बाहर आ जाती हूँ।
- मैंने देखा कि मेरी जानने वाली चंदा aunty के घर आई हूं।आंटी लेटी हुई है और उनकी बेटी निर्वस्त्र हो कर डांस कर रही है।
- काली मां को देख रही हूं ।माँ ने एक छोटा बच्चा सीने से लगा रखा है।
- मैं रिक्शा से कही दूर जा रही हूँ।लंबा रास्ता है नीम के पेड़ नज़र आ रहे है। कुछ शराबी भी नज़र आ रहे है।घर जा कर कह रही हूँ ट्रैन का टाइम हो गया है इतना सामान बंधा हुआ है।
- मेरी हाथो में मेंहदी लगी है।कही से चीटियां आ गई है उन्हें झाड़ रही हूँ।
अर्थ उपचार :
सिमरन गुप्ता जी के इन सभी 7 स्वप्नानुभवों की श्रृंखला उनके जीवन में चल रहे भारी संघर्षों, पितृ दोष, कलियुगी रुकावटों और साथ ही ईश्वरीय सुरक्षा का एक बहुत ही स्पष्ट और गहरा चित्र प्रस्तुत करती है।
श्री कल्कि स्वप्नानुभव विज्ञान और नियमावली के आधार पर इन सभी अनुभवों का क्रमानुसार अर्थ और उनके अचूक दृष्ट उपचार इस प्रकार हैं:
स्वप्नानुभवों का आध्यात्मिक और व्यावहारिक अर्थ
- दाढ़ी-मूछ आ जाना: अर्थ: एक स्त्री के चेहरे पर दाढ़ी-मूछ (पुरुषों के लक्षण) का आना यह दर्शाता है कि सुशीला जी आपको पति ना होने के कारण घर-रिस्तेदारी और -वयापार में 'पुरुषार्थ वाली जिम्मेदारियां' उठानी पड़ रही हैं, जो आपके स्वभाव के विपरीत हैं। यह आपके स्वास्थ्य से जुड़ी एक चेतावनी है।जरा सोचिए जब श्री कल्कि ने आपको पति के सामने भी बढ़ी चुनौतियों को अनुभव उपचारों से निकाल दिया था अब भी यह परेशानीयां नहीं रूकेगी ।बस समाधान मिटिंग में जाने से पहले यह एक भजन राह कांटों से भरी सामने आओ हरि मैंने भी विनती करी।भक्त ने तुम को रखा जोर से खम्बा फटा तुम बने नर केसरी। श्री कल्कि जी कि मानसिक आरती करके चली जाएं औरों कि तरह आपका ठीक होगा।
- बच्चियों को तैयार करना और 3 साल की बच्ची का मुंडन: अर्थ: हिंदू धर्म और कल्कि विज्ञान में 'मुंडन' पुराने और भारी कर्मों (पापों/नकारात्मकता) को उतारने और 'शुद्धिकरण' का प्रतीक है। बच्चियों को तैयार करना यह दर्शाता है कि उनके जीवन से कोई बहुत भारी कर्म या दोष कट रहा है और एक नई शुरुआत की तैयारी हो रही है।
- लिफ्ट का रुकना और किसी तरह बाहर आना: अर्थ: 'लिफ्ट' जीवन में 'तेजी से ऊपर उठने' (सफलता/प्रगति) का प्रतीक है। लिफ्ट का बीच में रुकना यह दर्शाता है कीआपके कोई में रुकावट के कारण अटक गया था। यह स्पष्ट संकेत है कि आप अटकी हुई और घुटन भरी परिस्थिति से सुरक्षित बाहर निकल आएंगी।
- चंदा आंटी की बेटी का निर्वस्त्र होकर डांस करना (सबसे बड़ा संकेत): अर्थ: कल्कि साहित्यों में यह एक बहुत ही स्पष्ट और गंभीर संकेत है। जब भी स्वप्न में स्वयं, परिवारजन या कोई परिचित 'निर्वस्त्र' (Naked) दिखाई दे, तो यह 'अतृप्त पितृ दोष' को दर्शाता है । निर्वस्त्र होकर डांस करना यह बताता है कि कोई अतृप्त आत्मा या नकारात्मक शक्ति उनके जीवन में 'तांडव' कर रही है और अपना भाग (हिस्सा) मांग रही है।इसमें शंकर भगवान का एक नदी साथ श्रेष्ठ है। उसमें आप पंचर मत का सम्मान के साथ लेडिस है तो लेडिस धोती पेटीकोट ब्लाउज रुमाल जेंट्स है तो धोती कुर्ता बनियान रुमाल एक सीधा (आटा दाल चावल चीनी नमक हल्दी 5 या10 का सिक्का)भगवान शंकर का अभिषेक करके पिंडी पर चढ़ा दीजिए कि भगवान श्री कल्कि ने कहा है यह नदी साथ के रूप में स्वीकार करें और मुझे को पितरों की परेशानियों एवं पितृ दोष का निवारण किजिए।विशेष: जहां भी भगवान श्री कल्कि की मूर्ति स्थापना हो उसमें कल्कि समाज नांदी श्राद्ध विशेष करता है आप उसमें सम्मिलित हो।इसे देखते-देखते अनेक भक्त ऊंचाइयों पर पहुंच गये।
- काली मां द्वारा छोटे बच्चे को सीने से लगाना: अर्थ: यह इन सभी डरावने सपनों के बीच सबसे बड़ी ईश्वरीय 'राहत और सुरक्षा' है! माँ काली का बच्चे को सीने से लगाना साक्षात इस बात का प्रमाण है कि माँ काली सिमरन जी आपके (बच्चों) को अपना 'अभेद सुरक्षा कवच' प्रदान कर रही हैं । बाहरी तांत्रिक या कलियुगी प्रहारों से माँ उनकी रक्षा कर रही हैं।
- लंबा रास्ता, शराबी, और सामान बंधा होना (ट्रेन का टाइम): अर्थ: रिक्शा और लंबा रास्ता 'जीवन के कठिन संघर्ष' को दर्शाते हैं। 'शराबी' साक्षात आसुरी और कलियुगी शक्तियों (विघ्न डालने वालों) का प्रतीक हैं। लेकिन सबसे डरावना हिस्सा है "ट्रेन का टाइम हो गया और सामान बंधा हुआ है"। कल्कि विज्ञान में अचानक यात्रा की तैयारी या सामान बंधा होना अकाल मृत्यु या गंभीर संकट की चेतावनी होता है ।
- मेहंदी लगी हाथों से चींटियां झाड़ना: अर्थ: 'मेहंदी' जीवन में आने वाले सौभाग्य और खुशियों का प्रतीक है। 'चींटियां' छोटी-मोटी कलियुगी रुकावटें, नजर-दोष या ईर्ष्या करने वाले लोग हैं जो इस खुशी को खराब करना चाहते हैं। चींटियों को 'झाड़ देना' दर्शाता है कि आपने प्रयासों और ईश्वरीय कृपा से इन सभी छोटी रुकावटों को दूर कर देंगी और सौभाग्य की प्राप्ति होगी।