आत्म विश्वास के साथ मंत्र जाप ,गाय की रोटी-सुबह का योगा  आपके लिए रामबाण

-संकलनकर्ता मामाजी (9312533445)-965448826-9163448228-(75360 56370 )

स्वप्न अनुभव, कविता गर्ग, फरीदपुर, जिला बरेली 

24 मार्च शाम 7:00 बजे : काला खंडहर है मैंने उसे इग्नोर करने की कोशिश करी 

अपने स्वास्थ्य गर्दन और पैर की परेशानी  की वजह से उलझी हुई हूं मामाजी दर्द बहुत  है, अनुभव रजिस्टर AI द्वारा याद करायें एवं सत्संग अनुरुप पहले कि तरह उपचार बता दें। 

कविता जी 'काले खंडर' की नकारात्मक शक्तियां आपके यहां बढ रही हैं। अगर बाल वाटिका चल रही है तो बाल वाटिका ॐ नमः कल्कि फट् स्वाहा की एक दो माला का जाप स्वयं करे और बच्चों से करवाए। एक बार इस मंत्र के उच्चारण से 37,500 राक्षस शक्तियों पर मार पड़ती है उनका दमन होता है। श्री राहुल अग्रवाल जी से मंत्र बाक्स मिल जाता है तो इसमें यह मंत्र भरा है। घर में यह बहुत हल्कि आवाज में चौबीसों घंटे चलने से राक्षसी जायेंगी दैवी शक्तियां आयेंगी‌।

आपने पहले भी किया है प्रार्थना है पुनः पांच बार का संकल्प लें लें। आजकल की दिनचर्या के हिसाब से आपसे पुनः विनम्र प्रार्थना है योगा कि सर्वाइकल की तीन मामूली सी एक्सरसाइज है जो दिन में किसी भी टाइम कर सकती हैं। इसे तीन चार बार करें आप बिल्कुल फिट रहेंगी। बन पड़े रोटी का आटा जरा ज्यादा दो समय मांडे और रोटी बेलते घर में खपत नहीं तो गाय के लिए पांच दिन करके देखें।

विशेष: यह योगा कि सर्वाइकल कि एक्सरसाइज से अलग है।पैर या नसों के दर्द के लिए 

श्री गणेश जी का विशेष 'दूब' उपचार: कल्कि साहित्यों में स्पष्ट उल्लेख है कि जब नसों या पैरों में भयंकर दर्द हो, तो गणेश जी का यह दूब (घास) वाला उपचार रामबाण का काम करता है।

उपचार: दूब (घास) के 21 तिनके लेकर मौली (कलावा) से उनकी गांठ बांधकर एक गट्ठर तैयार करें। ऐसे 21 गट्ठर बनाकर उनकी एक माला बना लें और किसी भी मन्दिर में चढ़ा दें।

प्रार्थना: "हे गणेश जी! मेरे गर्दन और पैरों की नसों में जो भयंकर दर्द है, उसे दूर कीजिए। मेरी सभी शारीरिक परेशानियों से मुझे बचाइए, मुझे पूर्ण स्वस्थ होकर अपने घर में कल्कि बाल वाटिका का कार्य सुचारू रूप से करना है।

भैरों बाबा व विश्वकर्मा जी:

उपचार: ₹80 भैरों बाबा के निमित्त (दवाई/शराब वाले उपचार के लिए)और ₹20 विश्वकर्मा जी (खंडर व वास्तु दोष सुधारने हेतु) अलग निकाल दें।

प्रार्थना: "हे भैरों बाबा, हे विश्वकर्मा जी! जो भी कलियुगी, तांत्रिक या खंडर रूपी काली शक्तियां मेरे शरीर में दर्द बनकर बैठी हैं, उन्हें उनका भाग देकर मेरे मार्ग से हटाएं। मेरे घर और शरीर का निर्माण व सुरक्षा करें।"

निष्कर्ष:  कविता जी, आपको बिल्कुल भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। आपको अपने में आत्मविश्वास लाना है कि आप पतिव्रता बहुत अच्छी है।कोई योगा वाला लगाले अथवा योगा सैंटर में सुबह चार हफ्ते जाकर देखें।-शुभम् करोती

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