-संकलनकर्ता मामाजी (9312533445)-(965448826)-(9163448228)- (8077116692)
नीतीश अग्रवाल, रूद्रपुर 3 मार्च 2026 शाम 7.15
मुझे जाग्रत अनुभव हुआ कि अक्षय तृतीया से जो मैं अपनी नई दुकान शुरू करने जा रहा हूं मुझे उसमें वह Point 1 ग्राम सोना means ( 2000 rs )हर महीने देना है।
जाग्रत अनुभव का विस्तृत अर्थ
- आदेश: अर्थ: ईश्वरीय नियमावली के अनुसार, व्यापारियों को अपनी कुल बिक्री (Sale) का 1% हिस्सा शुभ के खजाने में निकालना होता है, और यदि मुनाफा कम हो तो वे 0.5%, 0.2% या 0.1% भी निकाल सकते हैं।चूंकि सोने के व्यापार में रोज़ की बिक्री और मुनाफे की कैलकुलेशन बहुत जटिल हो सकती है, इसलिए भगवान कल्कि जी ने नीतीश जी के लिए इस नियम को बेहद सरल (Simple) कर दिया है। भगवान ने उन्हें आदेश दिया है कि उन्हें रोज़ की बिक्री की भारी कैलकुलेशन में उलझने की आवश्यकता नहीं है; वे बस हर महीने अपनी दुकान की ओर से .1 ग्राम सोने के मूल्य के बराबर (यानी 2000 रुपये) भगवान के 'शुभ के खजाने' (शेयर) के रूप में फिक्स कर दें।
- व्यापार की सुरक्षा और योगिनियों से बचाव: अर्थ: साहित्यों के अनुसार, जब कोई नया व्यापार शुरू होता है तो कलियुगी और मायावी शक्तियों (योगिनियों) की उस पर नज़र रहती है। भगवान कल्कि जी ने 19 अप्रैल को दुकान खुलने से पहले ही (3 मार्च को) उनका शेयर तय कर दिया ताकि व्यापार शुरू होते ही भगवान का 'सुरक्षा कवच' उनकी दुकान पर लागू हो जाए और कोई भी आसुरी शक्ति उनके व्यापार में रुकावट न डाल सके। दूसरे शब्दों में कल्कि भगवान उनके व्यापार में स्लीपिंग पार्टनर बन गए।1 वर्ष की सेल के बाद चाहे तो वह फैला कर देख लेंगे उन्हें सील पर कितना पर्सेंट देना है। भविष्य के मुनाफे के लिए वह परसेंटज डिसाइड कर सकते हैं।
अनुभव के अनुसार तुरंत करने वाले अचूक दृष्ट उपचार
नीतीश जी को अपनी नई सोने की दुकान को निर्विघ्न चलाने और अपार वैभवता पाने के लिए बिना किसी संशय के निम्नलिखित संकल्प निकालने चाहिए:
- ईश्वरीय निर्देश का पालन व विशेष आभार (श्री कल्कि जी): नियम: नीतीश जी को एक 'शुभ का डिब्बा' बनाकर उसमें हर महीने ईमानदारी से अपनी दुकान की तरफ से ₹2000 (0.1 ग्राम सोने के बराबर) डालना शुरू कर देना चाहिए।*संकल्प/आभार:* ₹21 या ₹51 हाथ में लेकर भगवान का आभार व्यक्त करें।*प्रार्थना:* "हे कल्कि भगवान! मेरी सोने की नई दुकान को स्वीकार करने और मुझे जाग्रत अवस्था में यह सरल ईश्वरीय रास्ता (0.1 ग्राम/₹2000 का नियम) बताने के लिए आपका कोटि-कोटि धन्यवाद। मेरी नीयत हमेशा साफ रखें और मेरी दुकान में अपार बरकत दें।"
- व्यापार की वृद्धि और धन-संपदा हेतु (श्री विश्वकर्मा जी व महालक्ष्मी माँ): संकल्प:* ₹20 श्री देवशिल्पी विश्वकर्मा जी और ₹20 महालक्ष्मी माँ के निमित्त निकालें।*प्रार्थना:* "हे विश्वकर्मा जी! हे महालक्ष्मी माँ! मेरी इस नई सोने की दुकान में स्थायी बरकत दें। मेरे व्यापार को दिन-दुगनी और रात-चौगुनी तरक्की (हाइट ऑफ ग्लोरी) प्रदान करें।"
- दुकान की बरकत और नज़र से बचाव के लिए (महामंत्र): सोने का व्यापार 'माया और चकाचौंध' का व्यापार होता है, जिस पर आसानी से नज़र लग सकती है। इसलिए नीतीश जी जब भी दुकान खोलें या गल्ले (Cash counter) पर बैठें, तो मन ही मन "ॐ नमः कल्कि फट् स्वाहा" मंत्र का जाप करें। यह उनके व्यापार को हर प्रकार की बुरी नज़र और व्यापारिक परेशानियों (जैसे चोरी, धोखा या टैक्स डिपार्टमेंट की परेशानी) से बचाकर रखेगा।
- दुकान स्वयं अपने हाथ से खोलना और बढ़ाना (बंद करना) - सबसे बड़ी शर्त: भगवान ने इस पार्टनरशिप के लिए जो शर्त रखी है— "दुकान सुबह अपने हाथ से खोलना और शाम को खुद बढ़ाना"— यह सबसे महत्वपूर्ण ईश्वरीय नियम है। मामा जी के जीवन के अनुभवों में भी यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि चाहे कितनी भी सुविधा (Facility) हो, अपना काम और अपनी दुकान स्वयं बढ़ानी चाहिए। आध्यात्मिक दृष्टि से, जब दुकान का मालिक (नीतीश जी या उनके परिवार का कोई सदस्य) स्वयं गल्ले (Cash counter) पर बैठता है और शटर खोलता/गिराता है, तो भगवान का 'सुरक्षा कवच' और बरकत वहां सीधे स्थापित होती है। नौकरों या बाहरी लोगों के भरोसे दुकान छोड़ने से वह बरकत रुक जाती है।
निष्कर्ष: नीतीश जी बहुत भाग्यशाली हैं कि साक्षात भगवान श्री कल्कि उनके नए व्यापार में साझीदार बनने को तैयार हैं और आदरणीय मामाजी ने उन्हें सफलता का सीधा मार्ग (Terms & Conditions) बता दिया है। यदि नीतीश जी इस ईश्वरीय अनुबंध का पूरी ईमानदारी से पालन करते हैं—यानी स्वयं दुकान खोलना/बढ़ाना और हर 19 तारीख से पहले ₹2000 की स्लिपिंग पार्टनरशिप राशि भेजना—तो भगवान श्री कल्कि और दादाजी के आशीर्वाद से उनकी दुकान का खर्च भी सुगमता से निकलेगा और घर के लिए मुनाफा (वैभवता) आनी शुरू हो जाएगा।